एमवीएम:उत्सव शुल्क की कीमत,स्कूल के बाहर खड़ा बचपन

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एमवीएम:उत्सव शुल्क की कीमत,स्कूल के बाहर खड़ा बचपन

भोपाल। राजधानी के एक निजी स्कूल में वार्षिकोत्सव की फीस न भर सकने पर एक ही परिवार के तीन बच्चों को एक माह के लिए स्कूल से निष्कासित करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला प्रबंधन को कल से बच्चों को स्कूल बुलाने के निर्देश दिए हैं।

कार्यक्रम में गैरहाजिरी बनी ‘अनुशासनहीनता’
मामला नर्मदापुरम रोड, रतनपुर स्थित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल का है, जो वैदिक शिक्षा के लिए भी जाना जाता है। बीते सप्ताह हुए वार्षिक उत्सव के लिए प्रत्येक विद्यार्थी से ड्रेस और प्रवेश शुल्क के नाम पर 2300 रुपए जमा कराने थे। राजधानी निवासी चौहान परिवार के तीन बच्चे—खुशी, तनु और श्याम—यह राशि न भर पाने के चलते उत्सव में शामिल नहीं हो सके।

एक महीने का निष्कासन, नोटिस ग्रुप में वायरल
बच्चों की गैरहाजिरी पर विद्यालय प्रबंधन ने कठोर रुख अपनाते हुए इसे अनुशासनहीनता माना। सजा के तौर पर बच्चों को एक माह के लिए निष्कासित कर दिया गया। प्रबंधन ने निष्कासन की सूचना विद्यालय के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी साझा कर दी, जिससे मामला पूरे स्कूल समुदाय में फैल गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

विरोध बढ़ा, जांच के लिए तहसीलदार भेजे गए
विवाद बढ़ने पर करणी सेना के चेतन सिंह और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन व जिला प्रशासन से शिकायत की। प्रशासन ने गंभीरता समझते हुए इलाके के तहसीलदार को स्कूल भेजकर मामले की जांच कराई।

बढ़ते दबाव के बाद विद्यालय ने निष्कासन अवधि एक माह से घटाकर 15 दिन कर दी, हालांकि निर्णय को वापस लेने से इंकार कर दिया।

शिक्षा विभाग की दखल, रिपोर्ट तलब
बुधवार देर शाम जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने विद्यालय प्राचार्य को पत्र जारी कर तीनों बच्चों की गुरुवार से उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
द सू़त्र ने विद्यालय प्राचार्य से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन स्टाफ ने बातचीत नहीं कराई।

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