लूथरा भाइयों को लगा बड़ा झटका, रोहिणी कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

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लूथरा भाइयों को लगा बड़ा झटका, रोहिणी कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने गोवा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड मामले में आरोपी गौरव और सौरभ लूथरा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया है। अदालत ने अग्रिम जमानत की यचिका खारिज कर दी है।

यह मामला गोवा के एक रेस्तरां में आग लगने के बाद दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें लूथरा भाइयों पर लापरवाही के आरोप हैं। अदालत में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। पुलिस का कहना है कि लूथरा भाइयों ने जांच में सहयोग नहीं किया, जबकि बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर रोक की मांग करते हुए कहा कि मामला गैर-हत्यात्मक बताया, बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत की याचिका खारिज कर दी।

बचाव पक्ष की दलीलें
लूथरा भाइयों के वकील तनवीर अहमद मीर ने कहा था कि एफआईआर के अनुसार घटना लापरवाही का मामला है, कोई हत्या नहीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहों के कारण परिवार को खतरा है और बिना नोटिस दो रेस्तरां तोड़े गए। उन्होंने कहा कि लूथरा भाई फरार नहीं हैं और जांच में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और सीधे वारंट जारी किया गया।

विदेश जाने पर सवाल
बचाव पक्ष ने बताया था कि लूथरा भाई फुकेत में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा पर थे। वहीं पुलिस ने अदालत में कहा कि उनका थाईलैंड में कोई व्यावसायिक काम नहीं है और उन्होंने 7 दिसंबर को देश छोड़ा, जबकि अदालत में गलत तारीख बताई। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने कोर्ट और एजेंसियों को गुमराह किया।

पुलिस का दावा
सुनवाई के दौरान गोवा पुलिस ने कहा कि गौरव लूथरा, सौरभ लूथरा और अजय गुप्ता इस प्रोजेक्ट के हस्ताक्षरकर्ता हैं। उनका कहना है कि पंचायती लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। पुलिस ने कहा कि लूथरा भाइयों के सहयोग न करने के कारण उन्हें अदालत से अतिरिक्त सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए।

बचाव पक्ष ने कहा कि गिरफ्तारी गुस्से या बदले की भावना में नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत जांच उनके बिना पूरी हो चुकी है और पुलिस ने यह नहीं बताया कि हिरासत की जरूरत क्यों है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

कृषि भूमि पर बना था अवैध नाइटक्लब
अरपोरा में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत के बाद गोवा प्रशासन अवैध नाइटक्लबों पर सख्त हो गया है। इसी क्रम में अधिकारियों ने वगतोर स्थित क्लब को सील कर दिया। बारदेज तालुका के मामलतदार के आदेश पर की गई इस कार्रवाई में पाया गया कि क्लब कृषि भूमि पर बिना जोन बदलाए बनाया गया था।

अधिकारियों ने क्लब मालिक को सात दिनों में जवाब देने का नोटिस जारी किया है। नाइटक्लब प्रबंधन का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सभी अवैध और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले नाइटक्लबों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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